पैग़ाम मेरा कहना वृष भानु की लली से

पैग़ाम मेरा कहना वृष भानु की लली से

धुन-मुझे इश्क़ है तुम्हीं से
पैग़ाम, मेरा कहना, वृष भानु, की लली से,
निकले, मेरा जनाज़ा, राधे तेरी गली से ॥

मेरी, प्रीत भी, तुम्हीं हो, मेरी रीत, भी तुम्हीं हो,
मेरी, हार भी, तुम्हीं हो, मेरी जीत, भी तुम्हीं हो ॥
श्यामा, ही श्यामा निकले, मेरी श्वास, की नली से ।
निकले, मेरा जनाज़ा, राधे तेरी गली से ॥
पैग़ाम, मेरा कहना, वृष भानु, की...

सपने में, तुमको देखा, मेरे सामने, खड़ी थी,
बांकी, अदा निराली, तुमसे नजर लड़ी थी ॥
मेरा हाथ, तुम छुड़ाना, यमराज़ से बली से ।
निकले, मेरा जनाज़ा, राधे तेरी गली से ॥
पैग़ाम, मेरा कहना, वृष भानु, की...

तेरे बरसाने, में आऊँ, आ करके दरस पाऊँ,
राधे, तेरी चौखट पे, अपना जीवन बिताऊँ ॥
चरणों में, जगह दे दो, वृषभानु, की दुलारी ।
निकले, मेरा जनाज़ा, राधे तेरी गली से ॥
पैग़ाम, मेरा कहना, वृष भानु, की...
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल

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