अमृत है हरि नाम हमारा,
छोड़ विषय रस पीना क्या
हरि नाम नहीं तो जीना क्या,
हरि नाम नहीं तो पिना क्या
हरि नाम...
1.काल सदा अपने मद डोले,
ना जानें कब सर चढ़ बोले
हरि का नाम जपो निसवासर,
अगले समय में होना क्या
हरि नाम नहीं तो जीना क्या,
हरि नाम नहीं तो पिना क्या
अमृत है हरि नाम हमारा,
छोड़ विषय रस पीना क्या
हरि नाम नहीं तो जीना क्या,
हरि नाम नहीं तो पिना क्या
हरि नाम...
2.भूषन से सब अंग सजया,
पर रसना से हरि नाम ना गाया
ये देह पड़ी रह जावे यहीं पर,
फिर कुंडल और नगीना क्या
हरि नाम नहीं तो जीना क्या,
हरि नाम नहीं तो पिना क्या
अमृत है हरि नाम हमारा,
छोड़ विषय रस पीना क्या
हरि नाम नहीं तो जीना क्या,
हरि नाम नहीं तो पिना क्या
हरि नाम...
3.तीरथ है हरि नाम हमारा,
फिर क्यूँ फिरता मारा-मारा
अंत समय हरि हाथ ना आवे,
फिर काशी और मदीना क्या
हरि नाम नहीं तो जीना क्या,
हरि नाम नहीं तो पिना क्या
अमृत है हरि नाम हमारा,
छोड़ विषय रस पीना क्या
हरि नाम नहीं तो जीना क्या,
हरि नाम नहीं तो पिना क्या
हरि नाम...
बाबा धसका पागल पानीपत
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