शीर्षक:- अब ना छुपाऊँगी, सबको बताऊंगी
तुझको कसम से मैं ,अपना बनाऊंगी
अब ना छुपाऊँगी, सबको बताऊंगी
तुझको कसम से मैं ,अपना बनाऊंगी
राधा रमण मेरा यार, ओये मेरा दिल तेरा आशिक
बांकेबिहारी मेरा यार ,ओये मेरा दिल तेरा आशिक
अब ना छुपाऊँगी...
बंसी की धून सुन सुनकर, मेरा मन ये ललचाए
सब लोकन् को सारो सुख, ब्रज भूमि मे मिल जाए
देव भी तरसे जिसके लिए, वो नाचे गोपिन के लिए
ऐसे सवारिया को दिल मे बसाऊंगी,
कुंज गलिन मे मैं, शोर मचाऊँगी
राधा रमण मेरा यार, ओये मेरा दिल तेरा आशिक
बांके विहारी मेरा यार, ओये मेरा दिल तेरा आशिक
अब ना छुपाऊँगी...
भक्तो की पीड़ा सुन सुनकर, दोडा दोडा आता है
जो भी पहुंचे इसके दुआरे, उसको पार लगाता है
जाकि सूरत प्यारी, सब देवो से न्यारी
ऐसी सुरतिया को मन मे बसाऊंगी
कुंज गलिन मे मैं शोर मचाऊँगी
राधा रमन मेरा यार ओये मेरा दिल तेरा आशिक
बांके विहारी मेरा यार, ओये मेरा दिल तेरा आशिक
अब ना छुपाऊँगी...
विष्णु भैया जी श्याम सखा
सम्पर्क सूत्र:-7500580057