विपदा में हूँ आकर,
ज़रा देख तो लो सरकार।
अब भी अगर ना आए,
तो जाऊँगा जग से हार।।
पार लगाओगे तो मानूँगा,
लाख दातार।
अब भी अगर ना आए,
तो जाऊँगा जग से हार।।
विपदा में हूँ आकर,
ज़रा देख तो लो सरकार।
जीवन की राहों में,
काँटे ही काँटे हैं।
अपने भी आज यहाँ,
लगते बेगाने हैं।
आँखों में आँसू हैं,
दिल में है अँधियारा।
तेरे बिना सूना है,
मेरा हर एक किनारा।
एक नज़र कर दो मुझ पर,
टूटे ना मेरा विश्वास।
तेरी दया से ही श्याम,
चलती मेरी हर साँस।
विपदा में हूँ आकर,
ज़रा देख तो लो सरकार।
अब भी अगर ना आए,
तो जाऊँगा जग से हार।।
द्वारे तेरे आया हूँ,
झोली मैं फैलाए।
दुनिया ने ठुकराया,
तुम गले से लगाए।
रो के पुकारूँ मैं,
सुन लो मेरी विनती।
तेरे चरणों में ही श्याम,
मेरी सारी शांति।
देर भले कर देना,
लेकिन करना इनकार नहीं।
तेरे भरोसे बैठा हूँ,
मेरे श्याम दातार यहीं।
विपदा में हूँ आकर,
ज़रा देख तो लो सरकार।
अब भी अगर ना आए,
तो जाऊँगा जग से हार।।
टूटी हुई उम्मीदों को,
फिर से सजा दो ना।
बुझते हुए दीपक को,
अपनी हवा दो ना।
हारे हुए इस मन को,
फिर से हँसा दो श्याम।
अपने चरणों में देकर,
थोड़ी सी जगह दो श्याम।
तेरी कृपा बरस जाए,
बदल जाए संसार।
तेरा नाम ही मेरा है,
अंतिम एक आधार।
विपदा में हूँ आकर,
ज़रा देख तो लो सरकार।
अब भी अगर ना आए,
तो जाऊँगा जग से हार।।
lyrics and singer - ladla mohit