मेरे दिल के जुड़ गए तार
ओ मेरे दिल के, जुड़ गए तार, तेरे बरसाने में ॥
तेरे, बरसाने में, तेरे बरसाने में ॥
नित, बरसे ॥अमृत धार, तेरे बरसाने में ।
मेरे दिल के, जुड़ गए तार...
राधा, नाम की, धूम मची है ॥
हर, दिल में, श्यामा जू बसी है ॥
राधा, नाम की, धूम मची है,
हर, दिल में, श्यामा जू बसी है ॥
हर, रसना पे ॥जय जय कार, तेरे बरसाने में ।
तेरे, बरसाने में, तेरे बरसाने में ॥
नित, बरसे, अमृत धार, तेरे बरसाने में ।
मेरे दिल के, जुड़ गए तार...
जब, से देखी है, ऊँची अटरिया ॥
टिकती, नहीं कहीं, मेरी नज़रिया ॥
जब से, देखी है, ऊँची अटरिया,
टिकती, नहीं कहीं, मेरी नज़रिया ॥
बस देखूं ॥मैं बारंबार, तेरे बरसाने में ।
तेरे, बरसाने में, तेरे बरसाने में ॥
नित, बरसे, अमृत धार, तेरे बरसाने में ।
मेरे दिल के, जुड़ गए तार...
लगता, नहीं मन, ओर कहीं पे ॥
मन, चाहे बस, जाऊँ यहीं पे ॥
लगता, नहीं मन, ओर कहीं पे,
मन चाहे, बस जाऊँ, यहीं पे ॥
मैं तो, छोड के ॥सब संसार, तेरे बरसाने में ।
तेरे, बरसाने में, तेरे बरसाने में ॥
नित, बरसे, अमृत धार, तेरे बरसाने में ।
मेरे दिल के, जुड़ गए तार...
गर, दुनिया में, फिर से जो आऊँ ॥
जन्म, जन्म तेरो, दास कहांऊँ ॥
गर दुनिया में, फिर से जो आऊँ,
जन्म, जन्म तेरो, दास कहांऊँ ॥
मुझे मिले ॥जन्म हर बार, तेरे बरसाने में ।
तेरे, बरसाने में, तेरे बरसाने में ॥
नित, बरसे, अमृत धार, तेरे बरसाने में ।
मेरे दिल के, जुड़ गए तार...
जय जय श्री राधे राधे
अपलोडर- अनिलरामूर्तीभोपाल