ढुंडत ढुंडत माँ के द्वारे आ गईdhundat dhundat maa ke dware aa gai maat tumhari jhanki mujhko bhaa gai


ढुंडत ढुंडत माँ के द्वारे आ गई,
मात तुम्हारी झांकी मुझको भा गई,
भा गई भा गई मेरी माँ,
ढुंडत ढुंडत माँ के द्वारे आ गई

देख के सूरत माता की मैं तो दीवानी हो गई,
ऐसे चढ़ी दीवानगी मैं मस्ती में खो गई,
करके दर्श तेरा मैं तो पागल हुई,
तेरी नजरो से माँ मैं तो घ्याल हुई,
पा गई पा गई तेरी किरपा माँ,
ढुंडत ढुंडत माँ के द्वारे आ गई

तेरी झांकी देख के खुशियां मन में हो रही,
कैसे मिलोगी माँ मेरी मन ही मन में सोच रही,
अब ना देर लगा मुझको अब न सत्ता मियां अपने गले तो मुझको लगा,
जप रही जप रही तेरा नाम,
ढुंडत ढुंडत माँ के द्वारे आ गई


तेरा द्वारा यह मियां सब को प्यारा लगता है,
मैंने सुना है द्वार पे तेरे भाग्ये सबका बनता है,
मैया खाली झोली मेरी भर जाओ ना,
किरपा अपनी मुझपे बरसाओ ना,
ध्या रही ध्या रही तेरा नाम,
ढुंडत ढुंडत माँ के द्वारे आ गई

तेरे भजनो को मियां भावना से गाउ गई ,
जय जय कारा बोल के सब को संग नचाओ गई,
कष्ट मेरे हरो मेरी विनती सुनो,
भज रही भज रही तेरा नाम.
ढुंडत ढुंडत माँ के द्वारे आ गई

download bhajan lyrics (1449 downloads)