तेरे लाला ने ब्रज रजखाई

तेरे लाला ने ब्रज रजखाई, यशोदा सुन माई

अद्भुत खेल सखन संग खेलो,
छोटो सो माटी को ढेलो।
तुरत श्याम ने मुख मे मेलो,
याने गटक गटक गटकाई।। यशोदा...

दहि को कबहूँ न नाटी,
क्यों लाला तैंने खाई माटी।।
यशोदा ले समझा रही सांटी,
या। नेक दया न आई।।यशोदा...

मोहन को मुखड़ो खुलवायो,
तीन लोक या में दरशायो।
तब विश्वास यशोदहि आयो,
ये तो पूरण ब्रह्म कन्हाई।। यशोदा....

ऐसो रस नहिं है माखन में,
मेवा मिसरी और दाखन में।
जो रस है ब्रज रज चाखन में,
याने मुक्ति की मुक्ति कराई।। यशोदा...

Yogesh Tiwary

श्रेणी
download bhajan lyrics (863 downloads)