लाल जवा के फुला सु आज बनायो हार

इमें भाव भरा है दादी थे करलो माँ सवीकार
लाल जवा के फुला सु आज बनायो हार

धनी प्रेम सु दादी यु मैं गजरा थारा लाया हां
शरदा के धागे में मैया थारो हारो गुदायो हां
ये पेहर दिखाओ दादी माँ करो घनो उपकार
लाल जवा के फुला सु आज बनायो हार

लाल रंग ही दादी थाणे बहुत गनेरो भावे है
टिकी रोली चुनरी मेहँदी गजरो लाल सुहावे है
थारो मान राख लेयो दादी थारा लाल करे मनोहार
लाल जवा के फुला सु आज बनायो हार

गजरो पेहना पाछे दादी ताहने खूब रिजावा गा
थाल सजा कर थारी आरती थारे नजर उतारा गा
थारे हर्ष ने देदो दादी ये ममता का उपकार
लाल जवा के फुला सु आज बनायो हार

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