रामा दल में सुलोचन आईrama dal me sulochan aayi


रामा दल में सुलोचन आई,
मेरी अर्ज सुनो रघुराई॥

प्रभु मेरे ससुर ने झगड़ा मोल लिया,
छल करके बनो में खेल किया,
ले आए जनक की जाई मेरी अर्ज सुनो रघुराई...

युद्ध मेरे पति का लखन से हुआ,
कोई हारा या जीता जगत का जुआ,
प्यारे प्रीतम ने मुक्ति पाई मेरी अर्ज सुनो रघुराई....

शीश मेरे पति का मुझे दीजिए,
जो हुई है खता माफ कर दीजिए,
हूं दुखों कि मैं बहुत सताई  मेरी अर्ज सुनो रघुराई....

राम जी से सुलोचन शीश ले रही,
शीश लेकर सुलोचन सती हो रही,
सारी बहनों को शिक्षा दिलाई मेरी अर्ज सुनो रघुराई.....

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