बोतल भरी शराब की
अरे, क्या कहा, मैं तुझे, भूल जाऊँ,
न तुझे, याद करूँ, न तुझे, याद आऊँ ॥
हो बोतल, भरी, शराब की, काली, को भेंट दूँ ॥
हो तेरा, भवन न, छोड़ूँ माँ... हो... ,
हो तेरा, भवन ना, छोड़ूँ माँ, दुनियाँ, मैं छोड़ दूँ ॥
ओ रानिए... महाँ रानिए... ॥
ओ तस्वीर, से निकल के आ, मुझ को, भी देख ले ॥
अपने, हाथों, से लिखी, मेरी तकदीर देख ले ॥
ओ रानिए... महाँ रानिए... ॥
हो बोतल, भरी, शराब की, काली को...
हो आँखे, भरी, शराब से, सीने में आग है ॥
इस, आग में, जल रहा, तेरा ही लाल है ॥
ओ रानिए... महाँ रानिए... ॥
हो बोतल, भरी, शराब की, काली को...
हो जल, रहा हूँ, आज मैं, जलने, का गम नहीं ॥
तेरे, भवन की, धूल माँ, चंदन से कम नहीं ॥
ओ रानिए... महाँ रानिए... ॥
हो बोतल, भरी, शराब की, काली को...
जय माता की
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल