जितना कम सामान रहेगा

????श्री हरिदास ????
तरज़-यमुना का किनारा हो प्रितम
प्यारा हो
जितना कम सामान रहेगा,उतना
सफ़र आसान रहेगा
जितनी भारी गठरी होगी,उतना तूं
परेश़ांन रहेगा
जितना कम सामान रहेगा,उतना
सफ़र आसान रहेगा
जितना कम सामान...

उससे मिलना नामुनक़िन है,जब
तक ख़ुद का ध्यान रहेगा
जितना कम सामान रहेगा,उतना
सफ़र आसान रहेगा
जितनी भारी गठरी होगी,उतना तूं
परेश़ांन रहेगा
जितना कम सामान...

हाथ मिलें और दिल न मिलें,ऐसे में
नुक़सान रहेगा
‌ जितना कम सामान रहेगा,उतना
सफ़र आसान रहेगा
जितनी भारी गठरी होगी,उतना तूं
परेश़ांन रहेगा
जितना कम सामान...

जब तक मंदिर और मस्ज़िद हैं,
मुश्क़िल में इंसान रहेगा
जितना कम सामान रहेगा,उतना
सफ़र आसान रहेगा
जितनी भारी गठरी होगी,उतना तूं
परेश़ांन रहेगा
जितना कम सामान...

नीरज तो कल यहाँ न होगा,
उसका गीत विधान रहेगा
जितना कम सामान रहेगा,उतना
सफ़र आसान रहेगा
जितनी भारी गठरी होगी,उतना तूं
परेश़ांन रहेगा
जितना कम सामान...

रचनाकार-गोपालदास नीरज
बाबा धसका पागल पानीपत
संपर्कोंसुत्र-7206526000

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