चन्द्र तपे सूरज तपे उद्गन तपे आकाशchandra tape sooraj tape jai jai shree rani sati dadi kirtan bhajan lyrics


चन्द्र तपे सूरज तपे
उद्गन तपे आकाश
इन सब से बढ़ कर तपे
सतियों का सुप्रकाश

जय जय श्री रानी सती
सत्य पुंज आधार
चरण कमल धरी ध्यान में
प्रणवहु बारम्बार

मेरा अपना कुछ नहीं
जो कुछ है सो तोय
तेरा तुझको सौंप दूँ
क्या लागत है मोय

मइया सब कुछ मांग ल्यो
जो कुछ मेरे पास
दो नैना मत मांगियो
थारे दरस की आस

सेवा पूजा बन्दिगी
सभी आपके हाँथ
मैं तो कुछ जानू नहीं
थे जानो मेरी मात

जगदम्बा जगतारिणी
रानी सती मेरी मात
भूल चूक सब माफ़ कर
रखियो सिर पर हाँथ

सुमन-सुगन्धित सुमन से
सुमन सुबुद्धि सुधार
पुष्पांजलि अर्पण करूँ
हे मात करो स्वीकार

संपर्क - +919831258090

download bhajan lyrics (2847 downloads)