तू सोच जरा इंसान तेरी क्या हसती है

तू सोच जरा इंसान तेरी क्या हसती है
तू दो दिन का मेहमान जगत में करता फिरे गुमान
तेरी क्या हस्ती है
तू सोच जरा इंसान तेरी क्या हसती है

कोडी कोडी माया जोड़ी खट खट के मर जाए
कब इसका उपभोग करेगा
लौट के ना आये
दूजा मालिक बन बैठे गा निकलेगे जब प्राण
तू सोच जरा इंसान तेरी क्या हसती है

देखत देखत बचपन बीता ढल गी तेरी जवानी
बीत गई अपादापी पे तेरी ये जिंदगानी
न जाने किस घडी जगत से तेरा हो पर्स्थान तेरी क्या हस्ती है
तू सोच जरा इंसान तेरी क्या हसती है

जिनता दाना पानी तेरा जग में प्यार लुटाना
अपने दिल और दिलो पर छाप छोड़ कर जाना
बिनु जग की चाह छोड़ दे प्रभुका कर गुण गान
तू सोच जरा इंसान तेरी क्या हसती है

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