विश्व में शांति रहेगी योग से

 तर्ज - दिल के अरमां आंसुओं में बह गए ।

विश्व में शान्ति रहेगी योग से 2
मन की भी ज्योति जगेगी योग से ॥

आप का अभ्यास जब बढ़ जाएगा 2
ध्यान की शक्ति बढ़ेगी योग से ॥
विश्व में शान्ति रहेगी योग से ॥

धीरे-धीरे क्षुद्रता हट जाएगी 2
ज्ञान की गरिमा मिलेगी योग से ॥2
विश्व में शान्ति रहेगी योग से ||

जो ग्रहों की चाल को भी दे बदल 2
ऐसी शक्ति भी बनेगी योग से 2
विश्व में शान्ति रहेगी योग से ॥

जीते जी ही मुक्त हो सकते हो तुम ।2
देख लो तुम भी करिश्मा योग से 2
विश्व में शान्ति रहेगी योग से 2

रचना- स्वामी अभेदानन्दजी ।
स्वर- हरेकृष्ण हरि

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