हम गरीबों से रखता है यारी ---
नाम उसका है बांके बिहारी ---
प्यारी लगती गरीबों की नैया ---
बैठ जाता है बनके खिवैया ---
भूल जाता है देखो सरकारी ---
नाम उसका है बांके बिहारी ---हम गरीबों से रखता
लोग कहते है दीनों की लाज है ---
उसके हाथों में गरीबों का हाथ है ---
शायद जानता नहीं वो दुनियादारी ---
नाम उसका है बांके बिहारी -- हम गरीबों से रखता
उसका झौपड़ी में है आना जाना ---
स्वाद लगदा विदुर जी का खाना ---
खुद को कहता है प्रेम का पुजारी --
नाम उसका है बांके बिहारी -- हम गरीबों से रखता
माल नरसी का पहले लुटाया --
घर बनवारी मीरा का छुड़ाया --
प्यारा लगता है कि सुदामा भिखारी --
नाम उसका है बांके बिहारी --
हम गरीबों से रखता है यारी --!!