राधा तेरा आँगन फ़ूलों से मेहकता है- नया भजन

राधा तेरा आँगन फ़ूलों से महकता है

धुन-साँवरे से मिलने का
राधा तेरा, घर आँगन, फ़ूलों से, महकता है ॥
ओ देख तेरे फ़ूलों को ॥मेरा श्याम बहकता है ।
राधा तेरा, घर आँगन, फ़ूलों से, महकता...

राधा, तेरी बिंदिया में, एक मोती, चमकता है ॥
ओ देख तेरी, बिंदिया को ॥मेरा श्याम, मचलता है ।
राधा तेरा, घर आँगन, फ़ूलों से, महकता...

बड़ी-बड़ी, अंखियों में, कज़रे की, धारा है ॥
ओ कज़रे की, धारा में ॥मेरा श्याम, बहकता है ।
राधा तेरा, घर आँगन, फ़ूलों से, महकता...

लट, घुँघराली है, और काली, काली है ॥
ओ घुँघराली, लटाओं में ॥मेरा श्याम, उलझता है ।
राधा तेरा, घर आँगन, फ़ूलों से, महकता...

राधा तेरे, चूड़े पर, एक मीना, चमकता है ॥
ओ देख तेरे, चूड़े को ॥मेरा श्याम, मचलता है ।
राधा तेरा, घर आँगन, फ़ूलों से, महकता...

राधा तेरे, घुँघट में, सोहना मुखड़ा, चमकता है ॥
ओ देख तेरे, मुखड़े को ॥मेरा श्याम, बिगड़ता है ।
राधा तेरा, घर आँगन, फ़ूलों से, महकता...
अपलोडर-अनिलरामूर्तिभोपाल

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